
जमीन विवाद के चलते अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने वाली महिला को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। द्वितीय एडीजे पेंड्रारोड की अदालत ने आरोपी मीराबाई को आजीवन कारावास और 2000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला 8 सितंबर 2012 का है, जब मीराबाई ने अपने पति श्रवण सिंह की हत्या करवाने के लिए तीन लोगों को 29 हजार रुपए की सुपारी दी थी। सुपारी किलर्स ने योजनाबद्ध तरीके से श्रवण सिंह की हत्या कर दी थी, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
इस हत्याकांड में शामिल तीनों सुपारी किलर आरोपियों को पहले ही न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं, लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अब मुख्य साजिशकर्ता मीराबाई को भी दोषी करार देते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
द्वितीय एडीजे ज्योति अग्रवाल की अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह अपराध सुनियोजित और गंभीर प्रकृति का है, जिसमें आरोपी ने व्यक्तिगत विवाद के चलते कानून को अपने हाथ में लिया।
इस फैसले के बाद एक बार फिर यह संदेश गया है कि अपराध चाहे जितना पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ से कोई बच नहीं सकता।











